यह गैलक असारके २९ गते आदिकवि भानुभक्त आचार्यके २१२औँ जन्मजयन्तीके अवसरम विशेष कार्यक्रमम ठाकुरबाबा प्रज्ञा प्रतिष्ठान बर्दियासे जंग्रार साहित्यिक बखेरी नेपालके अध्यक्ष, सामाजिक अभियन्ता, लेखक श्री सोम डेमनडौरा ठाकुरबाबा...
सुर्खेत: यह गैलक असारके २८ गते कीर्तिपुरस्थित ठुम्रार साहित्यिक बखेरीके १०६औँ श्रृंखलाम कलाकार मित्थु थारुहे विशेष सम्मान कैगिल बा । कैलालीको जानकी गाउँपालिका, भगतपुर निवासी थारु कलाकार मित्थु थारु...
मानबहादुर चौधरी ‘पन्ना’ १. गोरी डराइ नेपाल एकठो बहुजातिक, बहुसांस्कृतिक, बहुधार्मिक एवम् बहुपहिचान रलक मुलुक हो । वि.स. २०७८ सालके जनगणनाअनुसार नेपालम १४२ जातजाति बा । भाषा आयोगके...
लहलह झुल्ना धानके बाला खेटुवा सुहैना एक्क नास गोन्या चोल्या बठिनेन् सुहैना डस्या आइल टिह्वार आइल आइल माघक दिन अक्कहले बिताऊ कसिक जिबन टुहार बिन डिह्वाम लाहिक फुला लहलह...
मानबहादुर चौधरी ‘पन्ना’ ‘हेरो भान्जा हमार देशम प्रजातजन्त्र, गणतन्त्र, लोकतन्त्र ज्या कलसे फे सामन्तिनके शासन बा । हमार लाग त जुन शासन अइलसे फे ओसह ओसह पलिबाटी । मै नेपालके...
वीरेन्द्रनगर नगरपालिका वडान नं १२ पदमपुरम थारु भुइह्यार ठन्वाके नवनिर्मित भवनके घुरघुट खोलाइ कार्यक्रम यह गैलक वैशाख ११ गते सम्पन्न कैगिल रह । वीरेन्द्रनगर नगरपालिकाके आर्थिक सहयोगम ठन्वा निर्माण हुइलक...
हाठक सिन्दुर केक्रो माथपर झरल त झस्कनु टुटल झोप्रीम बुक्रिभारा ख्याल परल त झस्कनु ढेर आश, ठोरचे हाँसि टिहुपर समाजके आँखी अट्घट्टा जिउँम बचनके काँटा गरल त झस्कनु स्वाचल...
मानबहादुर चौधरी ‘पन्ना’ गोरी डराइः डा.तारानाथ शर्मा घनघस्याको उकालो कना नियात्रा संस्मरणम कलबाट–‘जीवन एकठो निटुङ्ग्यैना यात्रा रलक ।’ यात्रा निरन्तर चल्ती रहठ । हर मनैनके मेरमेरके चाहना, रुचि, सोच विचार भिन्न...
गोरि डराइः हरेक कार्यक्रमके आफन आफन किसिमके इतिहास रहठ । आफन किसिमके कथा रहठ । थारु साहित्य साहित्यके फेन आफन इतिहास बातिस् । यि कार्यक्रमके परिकल्पनाकार एवम् पार्दुभाव...
दासताके जंजिरम अट्कल हमार जिबन खै कसिक बाच सेक्बि दुःखी हमार जिबन कमैया जसिन दास प्रथा बा यहाँ सद्द हटाइ कसिक असिन प्रथा उठी पंक्तिबद्ध मुटुम छिर्ना बचन बोल्ठ...
वीरेन्द्रनगर नगरपालिका सुर्खेतम गैलक फागुन २४ गते अन्तर्राष्ट्रिय नारी दिवसके अवसरम लखागिन थारु उत्थान मञ्च, सुर्खेत ओ राष्ट्रिय थारु कलाकार मञ्च शाखा सुर्खेतके संयुक्त रूपम नियमित हुइना लखागिन थारु...
माघ महिना उ समयमे अगहन महिनम बर्का परिच्छा होके पुसमे रजेल्टा होए ओ माघ महिनासे लावा सैच्छिक सट्र सुरु होए । लावा कलास, लावा किटाब, लावा कापि, लावा कलम,...