आधुनिक साहित्यम थारु साहित्य

  एक स्ठानके डोसर स्ठानसम सुचना सम्प्रेसन कैना अठवा पहुँच पुगैना बिड्ढुटिय माढ्यमहे सुचना परबिढि कहे सेक्जाइठ । जस्टे कि मोबाइल फोन, वायरलेस, इन्टरनेट, वेवसाइट, इमेल सुचना सम्प्रेसनके माढ्यम...

गजल

घाम पानीसे झरल जिनगी मोर । भुँख प्याससे जरल जिनगी मोर । विचार कर्बी समस्या हरदम आइठ, टबमारे खोल्टम गरल जिनगी मोर । प्रयास कर्नु हरबखत उम्कक लाग, टभुनफें...

टलकिच्रन्

‘इ टलकिच्रा लौरा कुछुबन लेह पठैबो त कुछ डेख्बो नैकरट । उप्र ट्यारा रठिस् । खोजखाज नैपर्ना, मजासे नैहेर्ना काहाँसे भेटाजाइ ? काँहासे डेखि उन्ड्वा, उपरटेरी ।’ इ काहाइ म्वार बाबक हुइटिन् ।...

  सुर्खेत: यह गैलक २०८२ चैत २७ ठेसे २९ सम वीरेन्द्रनगर ९, पातलगंगाम थारु समुदायके भाषा साहित्य तथा संस्कृति संरक्षणसम्बन्धी टिन दिन्या तालिम सम्पन्न हइल बा । वीरेन्द्रनगर नगरपालिकाके आर्थिक...

खेटि मन परठ

१. हम्रे थारु आदिवासी जनजाति जिन्गि हो हमार इहे धर्ति ओ माटि तराइक हुइ हो हमरे टे धरतिपुत्र अपन पहिचानले फुलठ गर्वसे छाटि । २ खेटि कैके अनाज उब्जैना...

वकिल सापके ठैली बिट्कोरेबेर

वकिल साप जोहारीलाल चौधरीसे मोर पहिल भेंट कहिया हुइल । कहाँ हुइल । इ बात महि याद नैहो । औपचारिक परिचय नैहुइलक ओर्से हुइ सायद पहिल भेंटके सम्झ्ना याद नैरहल । २०५८ सालमे...

यह गैलक फागुनके ३० गते वीरेन्द्रनगर २ कोलडाँडाम रत्गैया परिवार समाज सुर्खेतके आयोजनाम छैठौँ केन्द्रिय गोत्यार सम्मेलन तथा दोस्रो अधिवेशन २०८२ सम्पन्न कर्ल बा । दोसर अधिवेशनमसे केन्द्रीय समितिम अध्यक्ष...

छिङ्गटाहन भउजिक चुनाउ

-पुराक थारू   गाउँभर चम्पन बा आझ अचम्हँक खबर छिङ्गटाहन भउजि उठल बाटि चुनाउ । हाँठम् सैट्ना, कपारिम झउह्वा लेख, कहटि– ‘आब मै फेरम गाउँक डगर ।’ गाउँक चौराह...

रिठेक राजनीति

काल्हिक दिनसम सुनसान डेख्जिना गौह्री गाउँम फेनसे चहलपलह बह्रल रह । गाउँके टाठोबाठो मनै चलमलाइ भिरल रलह । काखरकि असिन समयम मनैनके कमाइ हुइना दिन लघुच्च अइटि रलहिन् । देशभर चुनावके महामेलाके...

यह गैलक माघ १५ गतेसे १७ गतेसम पटेर्वा सुगौली गाउँपलिका–२, बेलवा, पर्साम थारू लेखक संघ नेपाल तथा थारू अतिथि सेवा सदन समितिके आयोजनाम दसवाँ थारु साहित्य सम्मेलन सम्पन्न हुइल...

नेपाल एकठो बहुजातिक, बहुसांस्कृतिक, बहुधार्मिक एवम् बहुपहिचान रलक मुलुक हो । वि.सं. २०७८ सालके जनगणनाअनुसार नेपालम १४२ जातजाति बाट कलसे १२४ भाषाके संख्या बा । जनसंख्याके दृष्टिले थारु भाषा चौथौ...

सुर्खेत: २०८२ सालम सुर्खेत जिल्लाम विभिन्न ठाउँम मेरमेरिक झाँखीसहित थारुनके महान चाड माघ पर्वके अवसरम माघ सांस्कृतिक महोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न कर्ल बाट । हरेक बरस माघक अवसरम मनाजिना माघ महोत्सव कार्यक्रम...