नेपाल एकठो बहुजातिक, बहुसांस्कृतिक, बहुधार्मिक एवम् बहुपहिचान रलक मुलुक हो । वि.सं. २०७८ सालके जनगणनाअनुसार नेपालम १४२ जातजाति बाट कलसे १२४ भाषाके संख्या बा । जनसंख्याके दृष्टिले थारु भाषा चौथौ...
सुर्खेत: २०८२ सालम सुर्खेत जिल्लाम विभिन्न ठाउँम मेरमेरिक झाँखीसहित थारुनके महान चाड माघ पर्वके अवसरम माघ सांस्कृतिक महोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न कर्ल बाट । हरेक बरस माघक अवसरम मनाजिना माघ महोत्सव कार्यक्रम...
सस्रारिक बात पदावली हो । यी पदावलिक शाब्दिक अर्थ सस्रार ओहरिक बात, सुखानी दुःखानी, असन्तुष्टि यावत पक्ष समेटगैलक बुझ्जाइठ । सस्रार शब्दम इक प्रत्यय लाग्खन सस्रारिक शब्द बन्लक हो । सस्रार कति...
छुटी छुटी बाबुभैया स्कुल जैना रहर लागठ, स्कुलसे आके होम वर्क कैना रहर लागठ । कखरा, एबिसि पर्हके हमरे ज्ञानी बनबी, ढेर पर्हके भन्डो इनाम पैना रहर लागठ ।...
सुर्खेत: डिशहोम बाह्रखरी कथा प्रतियोगिता–२०८२’ क उत्कृष्ट २५ खिस्साकारमे उहाँलोग पर्लक हुइट । उत्कष्ट खिस्साकारमे परुइया अन्यमे चेतनाथ आचार्य, उमेश श्रेष्ठ, शिवराज शाही, ऋतेश गुरुङ, प्रज्ञा निरौला, सीता पाण्डे, भोगेन्द्र...
१. कलजुगके बजारमे लाज सरम बिक्टि बा बिना मोल गरिब–गुर्वन्के करम बिक्टि बा कब बुझ्हिँ मनै सब्के भगवान् एकठो बटैं, यहाँ टे भगवान्के नाउँमे ढरम बिक्टि बा । २.पनभर्निन्हे...
डाइ डाइ काल्ह शनिच्चर टे हो, दिन उठुवासम सुटेडिस ना । कजलबिल्टी अपन डाइहे जनैटी कहल । सरिक्सा आँखी भर काजल ठप्ठैले रहठ । ओहेमारे सबजे कजलबिल्टी कठिस् । हुइना टे ओकर खास...
प्राय मै नेपालगञ्ज स्वास्थ्यके चेकजाँजके लाग जैना कर्ठु । डक्टरोक सल्लाहअन्सार समय समयम फ्लोअप कर्टि रठु । ढेर दिन पाछ मै नेपालगञ्ज आपन स्वास्थ्यके लाग चेकजाँचके लाग जैना समय...
यह गैलक कुवार १७ गते थारू लेखक तथा संस्कृतिविद् शत्रुघन चौधरी लावा डग्गर साहित्यिक पुरस्कारमसे सम्मानित हुइल बाट । थारू भाषाके त्रैमासिक पत्रिका लावा डग्गरके १६औँ तथा थारू साहित्य–संस्कृति प्रतिष्ठानके...
१.पैल्ह पैल्ह गाउँघर ओहर सुनु बुडी बुबनके बात डाइ बाबनके बात डाडु भैयनके बात अघटे स्कुल निरह, क्याम्पस निरह शिक्षा निपैलि दीक्षा निपैलि घरक काम बन्वा काठि कर गैलि...
परिचयः टरहिह्वारले मनैन चौकस ओ चम्पन बनाइठ । हरेक जाति समुदायके आपन मौलिक तौरतरिकासे मन्ना विभिन्न चाडपर्व रठिन् । नेपालम थारु समुदाय फे एक अलग पहिचान डेना खालके आपन...
डाइ, असौ मै फेन अस्टिम्कि टिकम पोर्हुक सालक हस कान्हाक बनिबनाइल पोस्टरमे नाहि हमार संस्कृति झल्कैना अस्टििम्कि चित्रम टिकम डाइ मै फेन बनाइक सिखम पाँचो पण्डवा, डुरपटि डोलि डाँरा...