१. हम्रे थारु आदिवासी जनजाति जिन्गि हो हमार इहे धर्ति ओ माटि तराइक हुइ हो हमरे टे धरतिपुत्र अपन पहिचानले फुलठ गर्वसे छाटि । २ खेटि कैके अनाज उब्जैना...
डाइ, असौ मै फेन अस्टिम्कि टिकम पोर्हुक सालक हस कान्हाक बनिबनाइल पोस्टरमे नाहि हमार संस्कृति झल्कैना अस्टििम्कि चित्रम टिकम डाइ मै फेन बनाइक सिखम पाँचो पण्डवा, डुरपटि डोलि डाँरा...
भिटामे क्यालेन्डर बरे आरामसे झुरल बा । केने अक्को ठकाइ नै लग्ठिस् काहुन उहि । जबकि बिन नै औरे बरस पुग्ले उ अक्को बिसाइ नै पाइठ । मै जुन रत्नपार्कसे कीर्तिपुर टक...