थारु भाषाः डाइ असौ मै फेन अस्टिम्कि टिकम

डाइ,
असौ मै फेन अस्टिम्कि टिकम
पोर्हुक सालक हस
कान्हाक बनिबनाइल पोस्टरमे नाहि
हमार संस्कृति झल्कैना
अस्टििम्कि चित्रम टिकम
डाइ मै फेन बनाइक सिखम
पाँचो पण्डवा, डुरपटि
डोलि डाँरा
कजरिक बन्वा, पुरैनिक पट्या
मँजोर, बन्डार
हाँठि, घोरा
लाउ, मच्छि
आढुनिक गिट नाहि
अस्टिम्किक गिट
कहुवइ टे सिरिजल
जलठल ढरटि
कहँुवइ टे सिरि हो जल
कुसकहि डाभ गैटि
मै फेन अस्टिम्कि टिकम
पैन्टर, भेस्ट नाहि
लहँगा कुर्ठा घाल्के
डाइ,
असौ मै फेन अस्टििम्कि टिकम
अपसकुन सँगे
आढुनिककरनहे अस्रैम
ओ, अपनैम् अपन
मजा रिटिरिवाज
चालचलन ओ संस्कृति
डाइ,
असौँ मै फेन अस्टिम्कि टिकम ।
कैह्यासम अनागरिक कविता संग्रह २०८१ मसे
प्रकाशित मितिः ११ भाद्र २०८२, बुधबार ०५:०७
भूमिका थारू ।