थारु भाषाः साहित्यसेवी शत्रुघन सम्मानित हुइल

यह गैलक कुवार १७ गते थारू लेखक तथा संस्कृतिविद् शत्रुघन चौधरी लावा डग्गर साहित्यिक पुरस्कारमसे सम्मानित हुइल बाट । थारू भाषाके त्रैमासिक पत्रिका लावा डग्गरके १६औँ तथा थारू साहित्य–संस्कृति प्रतिष्ठानके टिसर वार्षिकोत्सवके अवसरम लेखक चौधरीह १५ हजार राशिके पुरस्कार प्रदान कैगिलक हो । पुरस्कारले थारू भाषा, साहित्यिक लेखनमा थप जिम्मेवार बनैलक लेखक चौधरी बटोइल बाट ।
शत्रुघन चौधरी थारु प्रतिनिधि कथा–१, अस्टिम्कीक गीत, बिहान, डौना बेबरी पत्रिकाके संकलन, लेखन, सम्पादन कर्ल बाट । उहाँ थारु भासा पृष्ठके सहसंयोजक रलह, आब्ब नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानके अनुवाद विभागके सदस्य फेन बाट ।
कार्यक्रमके बर्का पहुना प्राज्ञ डा कृष्णराज सर्वहारी लावा डग्गर पत्रिकाके बिक्री बिटरन समस्याले, देश विदेशसम जोरक लग इहि कुँवार १७ गतेसे साहित्यिक अनलाइन औपचारिक रुपमे सुरु हुइल जनैल ।
नारायण योगी देउखरके कुमाल समुदाय बारेम् फेन लावा डग्गर बिसय बस्टु उठान करे पर्ना अर्जि कर्ल । बालगोविन्द चौधरी सुर्खेतसे डौना बेबरी पत्रिका सम्पादनमे अपन सँगसँगे रलक शत्रुघन चौधरीहे लावा डग्गर सम्मान कैके मजा काम करल बटैल । पत्रकार दशरथ घिमिरे थारु भासा, साहित्य जोेगैनामे लावा डग्गरके बरवार योगदान रहल ढारना ढर्ल ।
ओस्टक रेशम बिसी जसिक बोल्ना, ओस्टे लिख्ना अभ्यास लावा डग्गरमे मजा बा कहल । बसन्तप्रकाश चौधरीके लावा डग्गर पत्रिका थारु साहित्य लेखनमे पुँछि अइँठ्ना काम कइलक बट्वइल । धर्मराज बैरागी भुमिपुत्र थारुनके पहिचान बँचाइक लग थारु पाठ्यक्रम लागु करे पर्ना बटैल ।
शिक्षक भाष्करदेव चौधरी कल, मस्टरवा रलक कारन स्थानीय बिसयअन्तर्गत स्कुलिम बहला, माँगर गित सिखैठुँ । समयअनुसार थारु समुदायमे फेन परिवर्तन हुइटि बा, जेन्जी पुस्ता थारु भासा बोलक् नै चहठ । समयके आवाज बोकल चिज साहित्यमे अइना चाहि । लावा डग्गरके बिक्री बिटरन सहज होए कना उहाँक् कहाइ रहिन् ।
शिवहरि चौधरी अइसिन कार्यक्रममे महिला साहित्यकारके उपस्थिति जरुरि रहल बटैल । यम चौधरी जेन्जी पुस्ताके लग अनलाइन जरुरि रहलमे लावा डग्गर अनलाइनमे सुरु हुइलमे फोहि (खुसी) लागल बटैल ।
कार्यक्रममे साहित्यकार निमबहादुर थापा, गुरुप्रसाद कुमाल बुलबुल, रामप्रकाश चौधरी, विजय चौधरी, हरि पोख्रेललगायत बोलुइयन आआपन सुभकाकमना डेल रलह ।
लावा डग्गर त्रैमासिकके प्रधानसम्पादक छविलाल कोपिलाके घरगोस्याइमे हुइल कार्यक्रममे प्रकाशक टिकाराम चौधरी धन्यवाद डेल रलह ।
प्रकाशित मितिः १२ कार्तिक २०८२, बुधबार १०:४२
साझा बिसौनी ।