सुर्खेतके माघ महोत्सव कार्यक्रम ओ उतारचढाव
नेपाल एकठो बहुजातिक, बहुसांस्कृतिक, बहुधार्मिक एवम् बहुपहिचान रलक मुलुक हो । वि.सं. २०७८ सालके जनगणनाअनुसार नेपालम १४२ जातजाति बाट कलसे १२४ भाषाके संख्या बा । जनसंख्याके दृष्टिले थारु भाषा चौथौ स्थानम परठ । सरकारी तथ्याङ्क २०७८ सालके जनगणनाअनुसार १८ लाख ७ हजार १ सय २४ अर्थात ६.२ प्रतिशत थारुनके जनसंख्या बा । थारु मातृभाषा बोलुइयनके जनसंख्या १७ लाख ४ हजार ९१ जन अर्थात ५.८८ प्रतिशत किल बाट । वि.सं. २०७८ सालके जनगणनाअनुसार सुर्खेत जिल्लाके कुल थारुनके जनसंख्या ७८८३ बा कलसे वीरेन्द्रनगर नगरपालिका बैस्ना थारुनके जनसंख्या ७ हजार ५१ संख्या रहल बा । नेपालके विभिन्न २५ जिल्लाम बैस्टी अइल बाट । विभिन्न जिल्लाम रलक थारुमध्ये सुर्खेतिक थारु डंगौरा हुइट । सुर्खेत बैस्ना थारु जातिके भाषा, कला, संस्कृति पश्चिमा थारु भाषाभित्तरके डंगौरा भाषाके लवज पाजाइठ ।
सुर्खेत दर्पण पुस्तकअनुसार दाङसे सुर्खेत अन्ना काम यहाँक पटुवारी भक्तविर श्रेष्ठ ओ डिठ्ठा कृष्णलाल पन्त वि.स.१९७५ म अन्लक हुइट कैगिल बा । शिवनाराय बि.सी.के लिखल ‘सुर्खेतको थारु जाति’ कना विद्यावारिधीके शोधपत्रम वि.सं. १९६० ओहर दाङसे सुर्खेत अइलक उल्लेख कर्ल बाट । थारु कल्याण कारिणी सभा सुर्खेतद्वारा प्रकाशित डौनाबेबरी (२०६२) पत्रिकाम दाङसे वि.सं. १९५० ओहर अइलक बात उल्लेख बा । असिक सुर्खेतके थारु दाङ जिल्लासे छारा कैक अइलक बातम दुई मत निहो । असिक सुर्खेतके थारु मुलतः डंगौरा हुइट । दाङक थारुनके रीतभाट, संस्कृतिसे मिल्ना सुर्खेतके थारु कर्णाली प्रदेशके एक मौलिक पहिचान ब्वाकल जात हुइट । थारुनके कला संस्कृति कर्णाली प्रदेशके एकठो बलगर पहिचान फे हो ।
थारु समुदायके भाषा, कला, साहित्य, संस्कृति, परम्पराके संरक्षण संवर्धन करक लाग वि.सं. २०५१ सालम गोचाली परिवार कना संस्था जन्मल । कुछ समयके पाछ ऊ संस्था निरन्तरता डिह निस्याकल । वाकर विकल्पम थारु कल्याण कारिणी सभाके शाखा गठन वि.सं. २०६१ सालम हुइल । यी संस्था अहमिन फे सक्रिय पलि बा । हाल दुसर संस्था लखागिन थारु उत्थान मञ्च, सुर्खेत ओ राष्ट्रिय थारु कलाकार मञ्च, शाखा गठन होख सक्रियता जनैल बा । गाउँस्तरम विभिन्न क्लब ओ समूह गठन हुइना ओ निस्क्रिय हुइना क्रम डेख्जाइठ ।
नेपाल एकठो विविध जातजाति संस्कृति, भाषाभाषी रलक देश हो । हरेक जाति समुदायक आफन पहिचान आफन संस्कृति आफन भाषा बा । राज्य सक्कु जातजतिन्हक भाषा साहित्य, कला, संस्कृति, भेषभुषा, रहनसहन, रीतिरिवाजके संरक्षण संरक्षण कर्ना मूल दायित्व फे हुइस् । विडम्वना थारुनके भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति बचैना दिनप्रति दिन कठिन बन्टि जाइटा । कर्णाली प्रदेशके सुर्खेत उपत्यकाम केल रलक यहाँक थारु अल्पमतम बाट । और जातिनके जनघनत्व बहर्टी जाइटा कलसे थारुनके पुरान झुम्म परल रस्तबस्तीम फे डोसर जाति समुदायके मनै बैस्ना क्रम बह्रल बा । आब्बक अवस्था विविध जातजानिके मिश्रित समाज बन्टि जाइटा अर्थात समावेशी समाज बनल बा । थारुनके महान पर्व माघी देवानी अर्थात माघ पर्व थारुनके पहिचान ओ शान फे हो । माघ हमार संस्कृति हो । माघ हमार मेलमिलाप ओ सद्भावके पर्व फे हो । यी पर्वह लौव बरसके रूपम फे मनाजाइठ । कर्णाली प्रदेशके राजधानी सुर्खेत वीरेन्द्रनगरम रहल थारुन अस्तित्व जोगाइ परठ कैक थारु कल्याणकारिणी सभा, सुर्खेतके आयोजनाम सबसे पैल्ह वि.स.२०६१ सालम माघ महोत्सव मनागिल रह । यी कार्यक्रमके संयोजक स्वयम् पंक्तिकार मान बहादुर चौधरी पन्ना ओ खोलिगाउँके मैगर गोचा विद्वान जागुराम चौधरीके पहलम सुरु कैगिलक हो । सुर्खेतके इतिहासम तत्कालीन द्वन्दकालीन अवस्थामा शान्तिके कामना कर्टि वीरेन्द्रनगर बजार परिक्रमा कैक सम्पन्न कैगिलक ऊ कार्यक्रम स्थानीय मिडिया एवम् नेपाली भाषाके समाचार बिबिसी मिडिया कभरेज करल ऐतिहासिक सफल कार्यक्रम मान्जाइठ । ओठेसे निरन्तर हरेक साल माघ महोत्सव मनैना क्रम हालसम चल्टि आइल बा । वि.सं. २०६१ से सुरु हुइल माघ महोत्सव समग्र थारु समुदाय समेट्ख वि.सं. २०७७ सालसम एघारौँ माघ महोत्सव सम्पन्न हुइल । वि.सं. २०७८ सालम लखागिन थारु उत्थान मञ्च, सुर्खेत कना संस्थाके जन्म हुइल पश्चात लखागिन आपन संस्थाके व्यार्नरम माघ महोत्सव मनैना सुरु करल ओहर पुरान संस्था थाकस आफन व्यार्नरम मनैना क्रम जारी बटिस् ।
वि.सं. २०७८ सालम लखागिन थारु उत्थान मञ्च संस्थाके जन्म पश्चात सुर्खेतके थारु समुदायम फुटाइल कना आरोप यी संस्थाके संरक्षक स्वर्गीय सनिसरा महतम ओ स्वयम् यी पंक्तिकार मानबहादुर चौधरी पन्नाह आरोपित कैगिल रह । ओहमार सुर्खेतके बुद्धिजीवी जागुराम थारुके पहलम थारुनके पहिचान माघ पर्वह हर्षोल्लासके साथ मनैना कैक वि.सं. २०७९ सम संयुक्त रूपम मनैना कैक थारु सङ्ग्राहलयम थारु कल्याण कारिणी सभा सुर्खेत, लखागिन उत्थान मञ्च ओ राष्ट्रिय कलाकार मञ्चके संयुक्त बैठक बैस्गैल । संयुक्त रूपम माघी मिलन कार्यक्रम मनैना एजेण्डा रह तर थाकसके अध्यक्ष बेचुलाल चौधरीके अडान संयुक्त मनाइ निसेक्ना उर्डि जारी कर्लक कारण ऊ सालके माघ महोत्सव लखागिन थारु उत्थान मञ्च, सुर्खेतके मूलव्यार्नरम राष्ट्रिय कलाकार मञ्च शाखा सुर्खेत ओ अर्गानिक थारु होमस्टेके सहकार्यम तिलपुरम भव्यताके साथ सम्पन्न कैगिल । लखागिन ओ कलाकारके संयुक्त आयोजनाम मनाइल माघ महोत्सव कार्यक्रमम जनसहभागिता व्यापक हुइल । ऊ बरस थाकस छुट्ट कालिमाटिम माघ ३ गते मनाइल तर उपस्थिति एकडम न्युन रहिस् । लखागिन थारु उत्थान मञ्चके कार्यक्रमम जत्रा सहभागिता ओ सांस्कृतिक झाँकी डेख्गिल । थाकसके नेतृत्वम हुइलक २०७९ के कार्यक्रमम ओत्रा उपस्थिति निदेख्गिलस् । ओहमार वि.सं. २०८० के माघ महोत्सवम थाकस सिङ्गल कार्यक्रम कर्ना हिम्मत नैकरल । सुर्खेतम रहल अन्य संस्था लखागिन थारु उत्थान मञ्च सुर्खेत ओ राष्ट्रिय कलाकार मञ्च सुर्खेतके पहलम थारु कल्याणकारिणी सभाके संयुक्त व्यार्नरम कार्यक्रम कैगिल रह । ऊ माघ कार्यक्रम सुर्खेतम कैगिल आजसमके कार्यक्रमभन्दा विशेष भव्य कार्यक्रम रलक प्रतिक्रिया जनमानसमसे पाजाइठ । गत बरस २०८१ सालम थाकस, लखागिन ओ राष्ट्रिय कलाकार मञ्च सुर्खेतके संयुक्त आयोजनाम मनैलसे फे थारु कल्याणकरिणी सभाके मुल नेतृत्व प्रदान कर्ल रह । कार्यक्रम वीनपा ९ तिलपुरके पश्चिउ साना किसानके चिस्यान केन्द्रके प्राङ्गण मनैल तर उपस्थित आघक बरसके तुलनाम एकदम न्युन सहभागिता रह । खास कैक युवा पुस्ता सहर केन्द्रित कार्यक्रम मनैना विचार रठिन् तर पुरान पुस्ता ऊ बातह आत्मसात कर निसेक्लक कारण कार्यक्रम फिक्कल हुइलक जन गुनासो पागिल बा । विशेष कैक माघके आघ शुभकामना आदानप्रदान कर्ना महिला, विद्यार्थी, युवाके माग डेख्जाइट तर थाकसके कुछ पक्ष माघक पाछ ३ गते मनैना कना निर्णयले माघ महोत्सव पाछ हुइलक गुनासो ढेर डेख्गिल बा । कतिपय थारु अगुवा हुक्र माघ १ गते नै महोत्सव मनैना कलसे फे ऊ दिन खानपिनके दिन हुइलक कारण महिला सहभागिता हुइ निसेक्ना हुइलक कारण प्रभावकारी बन निसेक्लक अवस्था विगतके कार्यक्रमले डेखैलक बाट थाकसके सविच डिल बहादुर चौधरी कठ ।
भाइ फुटे गवार लुटे कहसक थारु फुट्ख निहो जुट्ख जाइपरठ कना उद्देश्यले लखागिन थारु उत्थान मञ्च, सुर्खेत, राष्ट्रिय कलाकार मञ्च, सुर्खेतके पहलम पुन संयुक्त रूपम मनैना सरसल्लाहम २०८० साल वीरेन्द्रनगरके खुला मञ्चम भव्यताके साथ सम्पन्न कैगिल । थारुनके बर्का संस्था थारु कल्याण कारिणी सभाह छुटाइक निहुइट कैक सँग टिनठो संस्था मिल्क संयुक्त रूपम मनैनाम एकमत हुइल । ओहअनुसार लखागिन ओ कलाकारके टिम जोडतोडके साथ प्रचारप्रसारम लग्ल, कार्यक्रमके डिजाइनम गुडगर कार्यक्रमके सेडुल ओ खाका तयार हुइल । ऊ खाकाम सब संस्थाके अगुवा हुक्र सहमत कर्ल । २०८० सालके माघ महोत्सव कार्यक्रमके बहुत सैगर ओ मैगर हुइपुगल रह ।
कार्यक्रम कहाँ कर्लसे समय सान्दर्भिक हुइ कना विषयम लखागिन थारु उत्थान मञ्च, सुर्खेतके पहलम जिल्लाव्यापी रूपम विभिन्न गाउँक अगुवा, बुद्धिजीवि हुकनक उपस्थितिम व्यापक बहस ओ छलफल हुइल । थारु जनप्रतिनिधि हुकनक पहलम नगरपालिकामसे बजेट व्यवस्था कर्ना ओ कार्यक्रम भव्य करैना कैक निर्णय पारित हुइल । कार्यक्रमके लाग स्थानके विषयम घनिभूत रूपम छलफल कर ब्याला अग्रज पुर्खा हुक्र गाउँम कर्ना सहमत हुइल रलह कलसे युवा, कलाकार महिला लगायतके लौव पुस्ता हुक्र चाहिँ बजार खुलामञ्चम कर्नाम धारणा ढर्ल । व्यापक छलफल पाछ वीरेन्द्रनगरके बजार परिक्रमा कैक खुल्लामञ्चम कर्ना मतके सङ्ख्या ढ्यार हुइल । बैठकके निर्णयअनुसार वीरेन्द्रनगरके खुला मञ्चम कार्यक्रम कर्ना हुइल । लौव पुस्ताके तर्कअनुसार हमार माघ पर्वके बारेक और समुदाय मनै फे जानट ओ मिडिया कभरेज फे हुई । थारु संस्कृतिह फेन राष्ट्रियकरण कर्टि विश्वव्यापीकरण कर परठ कैक युवा वुद्धिजीवि सर्कलके तर्क रलहिन् । संस्कृति कना चिजह गाउँम सीमित कैना नैहो यकर मिडियाकरण, विश्वव्यापीकरण लगायत एकमेरिक सरकारह दबाब असक हो । आपन सांस्कृतिक अधिकारके लाग फे राज्यह दबाब फे डेना जरुरी बा कना मतम ध्यार मनै सहमत हुइल । सायद यी विचार मन नापर्ख हुइ स्याकट थारु जनप्रतिनिधिमध्ये जन जनप्रतिनिधि पार्टीगत छुट्ट बैठक बलाख गाउँम सर्ना षडयन्त्रम लग्ल । कार्यक्रम बारेम व्यापक प्रचारप्रसार होसेक्ल रह । असिन ब्यालाम छुट्ट बैठकले कार्यक्रमके बारेम सनसनी पैदा हुइल । आयोजक टिमके मुख्य संयोजक लखागिनके अध्यक्ष मानबहादुर चौधरी पन्ना रलह कलसे कलाकार मञ्चके अध्यक्ष राजु चौधरी रलह । डुनु अध्यक्षके अडानके कारण स्थान परिवर्तन कर नैडेगिल । कलाकार, युवापुस्ता, महिला, विद्यार्थीनके मतअनुसार निर्णय कौनो फे हालत नैबडल्ना निष्कर्ष आइल । ओहअनुसार खुलामञ्च नै कर्ना ठोस निष्कर्ष कैगिल । जनप्रतिनिधिनके मुख्य आरोप जनसहभागिता जुटाइ निसेकही कना दबाब रलहिन् । तर गाउँगाउँम एक चरणके प्रचारप्रसार होसेक्लक कारण आयोजक बिस्वस्त रलह । कुछ व्यक्ति, नेता कार्यक्रमके विरोधम गाउँगाउँम कार्यक्रमम सहभागिता हुइ निडेना प्रपञ्च रच्ल । वाकर प्रतिवाद कैक कार्यक्रम भव्यताके साथ वीरेन्द्रनगरके खुलामञ्चम सम्पन्न हुइलक हो ।
कार्यक्रमम हजारौँ हजार आपन थारु भेषभुषाम उत्साहजनक सहभागिता डेखैल । ऊ दृश्य लोभ लग्टिक रह । सुर्खेतम मनागिल अहमिनसमके कार्यक्रमके मध्ये ऊ कार्यक्रमके सहभागिता डेख्ख विरोध करुयुनके मु टुमगिल रलहिन् । कार्यक्रम सफल हुइल त बिरोधी पक्ष चाहिँ और प्रपञ्चम लागल रलह । कार्यक्रम सम्पन्न पश्चात स्थानीय सरकार नगरपालिकामसे पैना रकमम चलखेल सुरु हुइल । सम्झौताअनुसार पैना रकम आधा रकम कट्वैना काम जनप्रतिनिध नै चलखेल कर्लक बुझ्गिल । कार्यक्रम डेना रकममसे कटाख भेषभुषा संरक्षण कैक पार्टीगत कार्यकर्तन व्यक्तिगत रूपम चोल्यागोन्या डेना कैक थारु कल्याण कारिणी सभा छुट्ट कागज पेश कैक माघ महोत्सवके योजना मागके रकम रकमान्तर कैगिल । असिन षड्यन्त्रपूर्ण कामले माघ महोत्सवम लग्लक खर्च समेत आयोजक टिमह भार बन पुगल । यी षड्यन्त्रके विरुद्धम सुर्खेतके बुद्धिजीवि, टिनठो संस्थाके पदाधिकारीबिच कैयो चो व्यापक छलफल फे हुइल । नगरपालिकाके कार्यपालिकाके सदस्य सरिता चौधरी, लक्ष्मी चौधरी, उपमेयर निलकण्ठ खनालसे पटक पटक छलफल कैगिल । नगर प्रमुख मोहन माया ढकालसे फे अनुरोध कैगिल तर उहाहुक्र हमारठे डेना रकम निहो । और बर्ष हेर्बि कना बातले निम्ट्वाडेल तर पाछ थारु कल्याण कारिणी सभाह छुट्ट कागज पेस कर लगाख छुट्ट गोन्या चोल्याम रकामन्तर फे कैगिल । यी विषयम थारु बुद्धिजिवि हुकहनसे व्यापक विरोध हुइल । यह कारण माघ महोत्सव कार्यक्रम मनैना कामम युवा पुस्ता निस्क्रिय हुइलक डेख्जाइट ।
माघ महोत्सवके लाग टोकगिल रकमसे कटौटि कैक थारु कल्याणकारिणी सभा सुर्खेतके पदाधिकारी हुक्र गोप्य रूपम जनप्रतिनिधिके आग्रहम रकम गोन्या चोल्याम बट्ना निर्णयले सुर्खेतके माघ महोत्सव कार्यक्रमम प्रत्यक्ष रूपम राजनीति डेख्गिल । असिक माघ महोत्सवके छुट्याल रकमसे कटौटि कैक थारु संस्कृतिप्रति बेइमानके राजनीति सुरु हुइल । यी विषयक बारेम व्यापक विरोध हुइल कारण माघ महोत्सव २०८० के आयोजक संस्था थारु कल्याण कारिणी सभा स्वयम् असिन व्यक्तिगत पार्टिगत कार्यकर्तन चोल्यागोन्या डेना निर्णयले आम सुर्खेति थारु समुदायको आस्थाउपर खेलवाड हुइ पुगल देख्जाइठ । असिन कामले थारुबिच एक किसिमले मनमुटाव सिर्जना हुइल । अन्ततः संयुक्त आयोजनाम हुइल सहभागी संस्था थारु कल्याण कारिणी सभा सुर्खेत यी विषय मुकदर्शक किल बनल ।
वि.स. २०८० सालके माघक कार्यक्रमके थप आर्थिक भार सम्पूर्ण लखागिन थारु उत्थान मञ्च, सुर्खेतसे दायित्व बहन कर पर्ना स्थिति अइल कारण राष्ट्रिय कलाकार मञ्चके सहयोग मिलल । थारु जनप्रतिनिधि, थारु कल्याण कारिणी सभाके पदाधिकारीके अदुरदर्शिताके कारण टिन्यो संस्थाके संयुक्त कार्यक्रम हुइलसे फेन आर्थिक भार लखगिनह किल पारगिल । यकर समाधानार्थ राष्ट्रिय कलाकार मञ्चके अध्यक्ष राजु चौधरी, महासचिव पूर्ण बहादुर चौधरी, कलाकार मञ्चके सल्लाहकार लोक बहादुर चौधरी, लखागिन संस्थाके सल्लाहकार कालुराम दहितके सहयोगम देउसी भैलो कार्यक्रम कैक खर्च व्यवस्थापन कैगिल ।
वास्तव हरेक मनैनके विचार, आस्था, सोच, दृष्टिकोण, मूल्य, मान्यता, सिद्धान्त फरक फरक रहठ । राजनैतिक आड भरोसाम थारुनके आस्था पहिचान, संस्कृति उपर राजनीतिले हमार संस्कृति लोप हुइटि जाइटा । वास्तवम सत्ता, शक्तिके आडम सत्यह निमोठ्ना असिन घृणित कुकार्य कर्ना राजनीतिले हमार भाषा, कला संस्कृतिके उत्थान कबु हुइ नैसेकी । सत्यके डगर जत्रा बल्गर रलसे कुछ समयसम सत्ता ओ शक्तिके आडम असिन सत्यह छोप्ना प्रयास कर्लसे एकदिन वास्तविकता बाहार आजाइठ । सत्य बात काहो कलसे बेङ्ग्वा कब्बु फे सप्वाह लिल निस्याकट इ वास्तविक यर्थाथ हो । सत्य बातके आफन सिमाना रहठ । हुइना त जुन शासक समयह सम्बोधन कर निस्याकट ऊ एकदिन अवश्य बाहारजाइठ । समय सबसे बल्गर बा । राजनीति आफन ठाउँम महŒवपूर्ण बा । देशके मूल नीति फे राजनीति हो तर राजनीति कर्मीहुक्र पूर्वाग्रही ढङ्गले व्यवहार कर्ना मजा बात नैहो । कभुकाल उपर तहम पुगल मनैनके राजनैतिक पुर्वाग्रही सोचके कारण गलत निर्णयले सिङ्गो समुदायके आस्थाम च्वाट परठ । असिन गल्टि समयम सच्चाइ निसेक्लसे झन बराभारी समस्या आइ सेकठ । गल्टि सच्चैना जत्र ढिल कर्बो ओत्रह बराभारी मूल्य चुकाइ परठ कैक पटक पटक समाधानके जर खोज्गिल तर फगत हुइ पुगल । असिन गलत खोल्टिखोल्टा पुर्ना नेतृत्व कर्ना लिडरके जिम्मेवारी फे हो । गलत कर्ना मनैन चिन्हखन हमार संस्कृतिके असलीपन जोगैना ओहर लागि कना आग्रह फे यी लेखमार्फत कर चााहटु ।
संसारह हेर्ना हमार आँखीक नजर फराकिलो हुइ पर्ना अति आवश्यक बा । हम्र मुख जैना प्राणी हुइटि । बाँचटसम मजा काम करक लाग कन्ढ्याम कन्ढ्या लगैना हो । चुनौतीबिनाके रोमाञ्च जैह्या फे अधुरो अपुरो रहठ, फिक्कल रहठ । फुटबल खेल्ना मैदानम बल एकठो नै रहठ तर खेलाडि आफन आफन तरिकासे गोल कैक चर्चा पैठ । गोल पोस्ट ओह हो । तर फे मेस्सिके करल गोल ओ एम्बाप्पे के करल ओत्रह रोमाञ्चक रहठ । विना प्रतिस्पर्धाके करल गोलके खास दर्शकम उत्साह पैदा कर निस्याकट ।
हरेक मनै विगतसे हम्र असल पाठ सिख परठ । ओहमार थारु समुदायके महान पर्व माघ फे यह सन्देश डिहट कि बोलचाल बन्द हुइल आफन्तबिच माघक दिन ढ्वाग सलाम लाग्खन फेनसे मैगर सम्बन्ध बनट । यह सन्देशह मध्य नजर कैक २०८१ सालके माघ महोत्सव कार्यक्रमम फेनसे राजनीति नाह्वाए कैक थारुनके छाता संगठन थारु कल्याणकारिणी सभा सुर्खेतके संयोजकत्वम लखागिन थारु उत्थान मञ्च, राष्ट्रिय थारु कलाकार मञ्चसहित संयुक्त रूपम मनैना बातम सहमत माघक ३ गते कर्ना कैगिल । कार्यक्रम बजार खुलामञ्च नाकैख तिलपुर गाउँम पुरुब साना किसानके चिस्यान केन्द्रम कार्यक्रम ढैगिल । कार्यक्रमम गाउँगाउँसे खास उपस्थिति हुइ निस्याकल । कार्यक्रमके बर्का पहुना नगर प्रमुख मोहनमाया ढकाल करिब पचास जहनके उपस्थितिम कार्यक्रम उद्घाटन कैक चलगिली । कार्यक्रमम समय, स्थान ओ प्रचार प्रसार बारे गुनासो ढ्यानक आइल ।
थारु समुदायके विविध चाडपर्वमध्ये माघ सबसे बर्का पर्व हो । ओहमार यी पर्वसे हमार रीटभाट, चालचलन, संस्कार, लवाइखवाइ, भेषभुषा जोर्गिल बा । थारु भाषा कला, साहित्य संस्कृतिके विकास, संरक्षण, संवद्र्धन ओ प्रवद्र्धन कर्ना बहुत जरुरी बा । यकर लाग नेता, बुद्धिजीवि, समाजसेवी, थारुनके हकहितके लाग स्थापित संघसंस्था लगायत थारु युवा विद्यार्थी जुटसेक्लसे आघ बह्र सेक्जिना बातम दुईमत निहो । नेतृत्व जे कर्लसे फे संस्कार संस्कृति कलक सबजहनके अमूल्य निधि हो । थारु जनप्रतिनिधि हुक्र फे आपन संस्कृतिके नाउम राजनीति कर्ना प्रवृत्तिके कारण सुर्खेतम थारु संस्थासे मनाजिना माघ महोत्सव धराप पर्टि बा । वि.सं. २०८० ओ २०८१ सालम वीरेन्द्रनगर नगरपालिकाके वडा नं. ९ म नौठो गाउँ बा तर वडाअध्यक्ष पातलगंगा गाउँम किल माघ कार्यक्रमके लाग दु बरस लग्टार बजेट व्यवस्थापन कर्ल । पाछ अन्य गाउँके गुनासो अइलक कारण सक्कु गाउँक सहमतिम असौ २०८२ सालम समग्र ९ नं. वडाबासी थारु मिल्ख मनैना काम कैगिल । यि सकारात्मक बात हो । यकर नेतृत्व थारु संस्कृति बचाउ समूह पर्सेनी करल । गैलक बरसभन्दा मैगर ओ चैनारसे पर्सेनीम माघ ३ गते व्यापक रूपम माघ सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न कर्ल बा ।
कार्यक्रम एक्क ठाउँम मनैनाभन्दा गाउँ वडास्तरम कार्यक्रम हुइना प्रवृत्ति हाबि हुइटि बा । असिन प्रवृत्तिह हटाख समग्र जिल्लास्तरम मनैलसे अहमिन मैगर ओ सैगर प्रभावकारी हुइने रह । छोट छोट टुक्रे कार्यक्रम कर्नासे सबजनसँग मनैलसे झनै सुन्दर हुइना हो । यिह मान्यताले वि.सं.२०७९, २०८० ओ २०८१ म समग्र मनैना प्रयास हुइलक हो । अइना सालसे सुर्खेतम संयुक्त सबजन मिल्ख मनैनाम लागि एकताबद्ध होक संस्कृतिके उजागर करी यह नै सबके जित हुइ । जय गुर्बाबा !
-मानबहादुर चौधरी ‘पन्ना’
प्रकाशित मितिः १४ माघ २०८२, बुधबार १४:१७

मानबहादुर चौधरी ‘पन्ना’ ।